अहंकार और गलतफहमी इन्सानी सम्बन्धो के सबसें बड़े शत्रु होते है। अहकार होने के कारण मनुष्य को अपनों से उसका अहकार दूर कर देता है और अहकारी व्यक्ति बात- बात पर अपनों को बोलता रहता है… में ही योग्य हूँ …
हम कभीं भी हमारे जीवन में रिश्तें व मित्रता कों खरीद नहीं सकते हैं, और ना ही उधार पा सकतें है। रिश्तें व मित्रता तों आपसी सम्पर्क व एक दूसरे का ध्यान रखनें से बनते है।। अगर समय – समय …



