गलती (भूल ) जाने-अनजाने में भी हों ही जाती है। हम कितना भी प्रयास करे भूल होना स्वाभाविक होता है। जीवन में काम करेंगे तों गलती काम करने वाले इन्सान से दैनिक कर्म में हों जाती है हमे ऐसी भूलों …
हमे हमारे स्वयं के जीवन का आत्म विश्लेषण भी करना आवश्यक है। क्योंकि हम हमारा स्वयं का मूल्याँकन नहीं करते बल्कि लोग क्या कर रहें ,कैसे रह रहें है, और क्या काम व कमाई कर रहै है उसमे ध्यान रखने …



