जीवन जीने के देनिक कर्म में स्वयं के विल् पावर कों स्ट्रॉंग रखना होगा अन्यथा भय, कुंठा, तनाव एवं असुरक्षा की भावना हमे कमजोर बनाती जाएगी ।
जीवन जीने के देनिक कर्म में स्वयं के विल् पावर कों स्ट्रॉंग रखना होगा अन्यथा भय, कुंठा, तनाव एवं असुरक्षा की भावना हमे कमजोर बनाती जाएगी ।
अशांत मन हर इन्सान का दुशमन होता है साथ ही अशांत मन के कारण हम हर मिलीं कामयाबी से भी खुश नहीं होते ।।