अगर हमे जीवन में समस्या को आमंत्रण नहीं देना है और हमे अगर समस्या से दूर रहना है तों बिना सोचे समझें कार्य करना बन्द करना होगा साथ ही ध्यान रखना होगा। अति आनन्द के समय निर्णय नहीं करना। क्यों …
अगर हमारे स्वभाव में दूसरे लोगों से ईर्ष्या ओर घृणा करने वाला होता है। तों हर बात व्यवहार में हम् असंतुष्ट, क्रोधी, ओर शंकाशील हों जाते है जिससे हमारे मन व् जीवन में सदा दुःखी ही रहते है और हमारा दिमाग़ …
जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना जरुरी होता है और अगर हम अपनी स्वयं की दिनचर्या व् कर्म फल से सन्तुष्ट नहीं रहते है। तों भलें ही आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो और …
जीवन में हर व्यक्ति कों वक़्त मिलता है ज़िन्दगी बदलने के लिए और जैसा वों कर्म करता है उसके अनुरूप उसको प्रतिफ़ल मिल जाता है।। लेकिन हर इन्सान कों ध्यान रखना चाईयें ज़िन्दगी दुबारा नहीं मिलती वक़्त बदलने के लिए। …
सफलता की ऊँचाई पर हर व्यक्ति कों संतुलन और धीरज रखना ज़रूरी होता है। हम कितनीं भीं तरक्की कर लेवे अगर हमारी सोच में संतुलन नहीं होता है तों हम कार्य कम बिखराव ज्यादा कर लेते है और जिस काम …
ज़िन्दगी अनन्त संभावनाओं का नाम है, और जीवन में हमे सदैव परिस्थितियों व समस्याओ का यथास्थिति सामना करना होता है।। हमारे स्वयं के हाथ में होता है हम समस्या कों स्वीकारें या फिर उन्हें बदलने की जिम्मेदारी उठाऐं।। ध्यान रहे …
समय का हर पल कीमती होता है हमे समय का सम्मान करना चाहिए। जीवन पथ पर सदैव स्टेट (सीधा) चलना चाहिए। अगर हम दाये-बायें या भूतकाल कों देखते है, तों केवल अपने स्वयं का ही समय खराब कर रहें होते …
इन्सान शुद्ध बुद्धि और अशुद्ध बुद्धि दोनों में से कोई भी ग्रहण (अपना सकता) कर सकता है। लेकिन अगर केवल शुद्ध बुद्धि कों अपने और परिवार के सभीं लोगों कों देता है तों … शुद्ध बुद्धि से धर में सुख- …
Every moment in life and every task we undertake should be done with pleasure. When we find joy in both small and significant achievements, life becomes more manageable and successful. By embracing happiness and sharing it with others, a collective …
अगर हम जीवन में एक दृढ़ लक्ष्य व उद्देश्य तय कर लेते है, तो हमे मेहनत व कर्म करने की आवश्यकता होतीं है। लक्ष्य प्राप्ति के लिये किसी ओर सहारे की ज़रूरत नहीं होतीं है केवल इसके लिये हमे अपना …
हम कभीं भी हमारे जीवन में रिश्तें व मित्रता कों खरीद नहीं सकते हैं, और ना ही उधार पा सकतें है। रिश्तें व मित्रता तों आपसी सम्पर्क व एक दूसरे का ध्यान रखनें से बनते है।। अगर समय – समय …















