प्रसन्न रहना हर इन्सान की महान उपलब्धि होती है। जो भी इन्सान प्रसन्न रहना हर हालत में सीख लेता है तों ही जीवन के हर पल का आनन्द ले पाता है। जैसे बीमारी के समय अगर हम मुस्कुराते रहते है तों …
जीवन पथ पर रोज़ हमे नये दोर से गुजरना पड़ता है रोज़मर्रा की जिंदगी में अप्रत्याशित घटनाएं होना सामान्य बात है, और ऐसी स्थितियों में स्वयं के दारा किए गए निर्णय ही आगे का भविष्य तय करते है। जीवन में …
हमारे दुःख का मुख्य कारण स्वयं की आवश्यकता नहीं बल्कि हम अपनों का और दूसरे लोगो का मूल्याकंन करना, उनकी बुराई, आलोचना, निन्दा एवं ईर्ष्या में लीन रहना होता है और बेमतलब अपनों से जुड़े लोगो की चर्चा करते रहना …
स्वयं या अपनों के माध्यम से बोले गये शब्द प्रभावित कर सकते है। हमारा दिमाग़ जो सोचता है उससे नया कोई कार्य और सुधार की विपुल सम्भावाना पनपती है और हम भविष्य में क्या करे इस विचार का मार्ग प्रशस्त …
हम हमारे जीवन में कितना भी धन- सम्पति, पॉवर, व नाम कमा लेवे और दैनिक जीवन कों जीने के लिए कितनी भी आधुनिक सुविधाजनक साधनों की व्यस्थापन कर लेवे लेकिन सुख-शांति नहीं पा सकते है। सुख-शांति पाने के लिए स्वयं …
हमे हमारे स्वयं के जीवन का आत्म विश्लेषण भी करना आवश्यक है। क्योंकि हम हमारा स्वयं का मूल्याँकन नहीं करते बल्कि लोग क्या कर रहें ,कैसे रह रहें है, और क्या काम व कमाई कर रहै है उसमे ध्यान रखने …
मन और तन अगर मनुष्य का ठीक होता है तों ही वों कर्म कर पाता है ।। हर इन्सान कों मन स्थिर रखना होता है अगर मन स्थिर होगा तों ही किसी काम का निर्णय कर पाएगा और निर्णय होने …
अगर हम हमारे स्वयं के जीवन में संयम,सादगी,साधना, संस्कार, निरोगी काया, मन में शान्ति एवं कर्म परिश्रम के साथ करते रहने की भावना रखते हैं तों हम सफलता एवं समृध्दि को आसानी से प्राप्त कर लेते है ।। अगर हम …
अगर हम दुखों कों याद कर दुखों को गिनने बैठ जाएँगे तों जीवन में ना तों गिनती पूरी होगी और बिना मतलब और अधिक दुःखी हों जाएँगे। दुःख कों जीवन में भुलाना होता है और पुराने दुखों से केवल समझ …
प्रसन्नता और मुस्कराहट साधनों से नहीं आती और ना ही खरीदी जा सकतीं है। प्रसन्नता और मुस्कराहट सदैव साथ निभाये इसके लिए स्वयं के मन और विचारों पर कंट्रोल्स करना होगा और विचारों कों शुद्घ रखना होगा। स्वयं के जीने …
जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना जरुरी होता है और अगर हम अपनी स्वयं की दिनचर्या व् कर्म फल से सन्तुष्ट नहीं रहते है। तों भलें ही आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो और …
जीवन में कैसा भी पल हों खुश रहना अच्छी आदत होती है। खुशमिज़ाज रहने से काम में सफलता अधिक मिलतीं है क्योंकि हसमुख (खुश ) रहने वाले व्यक्ति कों बाक़ी सब भी साथ देते है।। वही क्रोधित रहने वाले इन्सान …













