जीवन जीने के दैनिक कर्म में व्यवहारिक बातचित चर्चाओं मैं अगर हम् सरलता ,कुशलता के साथ और साफ़-सुथरीं बात अगर हम् करेंगे तों ही अपने से जूड़े लोग़ो का साथ ले पायेंगे। क्योंकि आजकल किसी कों फर्क नहीं पड़ता आप …
अहंकार और गलतफहमी इन्सानी सम्बन्धो के सबसें बड़े शत्रु होते है। अहकार होने के कारण मनुष्य को अपनों से उसका अहकार दूर कर देता है और अहकारी व्यक्ति बात- बात पर अपनों को बोलता रहता है… में ही योग्य हूँ …
समय, सेहत और संबंध अमूल्य होते है ईनकी कोई कीमत नहीं लगा सकता है। जब हम समय, सेहत और संबंध इन्हें खो देते हैं तब इनकी कीमत का एहसास होता है और हम कितना भी पैसा खर्च कर लेवे फिर …
अगर हम हमारे स्वयं के जीवन में संयम,सादगी,साधना, संस्कार, निरोगी काया, मन में शान्ति एवं कर्म परिश्रम के साथ करते रहने की भावना रखते हैं तों हम सफलता एवं समृध्दि को आसानी से प्राप्त कर लेते है ।। अगर हम …
किसी भी इन्सान को अपना बनाना और पराया करना हमारे स्वयं के हाथ होता है। अगर हमारी सोच और नियत दोनों ठीक होती है तों हमे कैसा भीं इन्सान मिले उससे सहयोग ही मिलता है। लेकिन अगर हम केवल स्वयं …
आधुनिक युग में आजकल संबंधो से अधिक धन- सम्पति कों प्राथमिकता दी जाती है और आम तौर पर पाया जाता है की पैसे वाला इनसान अगर गलती भी करे तों बोला जाता भूल हों गई होगी यें तों ऐसा कर …
हम कभीं भी हमारे जीवन में रिश्तें व मित्रता कों खरीद नहीं सकते हैं, और ना ही उधार पा सकतें है। रिश्तें व मित्रता तों आपसी सम्पर्क व एक दूसरे का ध्यान रखनें से बनते है।। अगर समय – समय …








